अपनी जन्म तिथि, समय और स्थान डालें — पूरी जन्म कुंडली और आपकी कुंडली के लिए लिखा गया व्यक्तिगत फलादेश पाएँ। नीचे एक उदाहरण कुंडली दिखाई गई है।
Janma Kundli
Sidereal longitudes (Lahiri). Houses counted whole-sign from the ascendant. Gold D9 sign = vargottama (same sign in D1 and D9).
Benefic points (bindus) each planet gives to every house. The bottom row is the Sarvashtakavarga total out of 56; 28 is average. Transits through high-scoring houses tend to go well.
Tap any period to open its sub-periods. Starts from the Moon's nakshatra at birth; 120-year cycle.
कुंडली में बारह भाव होते हैं और हर भाव जीवन का एक हिस्सा है: स्वयं, धन, भाई-बहन, घर, संतान, रोग-शत्रु, विवाह, आयु, भाग्य, करियर, लाभ और खर्च। जन्म के समय पूर्व दिशा में उदित राशि पहला भाव (लग्न) बनती है, और वहीं से नौ ग्रह भावों में बैठते हैं। ऊपर कुंडली में किसी भी भाव पर टैप करें — उसकी राशि, स्वामी, उसमें बैठे ग्रह और आपके लिए उसका अर्थ दिखेगा।
विंशोत्तरी दशा 120 वर्ष के जीवन चक्र को ग्रहों की अवधियों में बाँटती है, जो जन्म के चंद्र नक्षत्र से शुरू होती हैं। महादशा वर्षों तक मुख्य विषय तय करती है, अंतर्दशा कुछ महीनों से कुछ वर्षों में ध्यान बदलती है, और प्रत्यंतर दशा उसे और बारीक करती है। रंगीन समय-रेखा बताती है कि आज आप किस दशा में हैं।
योग ग्रहों के शास्त्रीय संयोग हैं, जैसे गजकेसरी योग, राजयोग या पाँच पंच महापुरुष योग। इस पेज पर हर योग का नियम और आपकी कुंडली में वह क्यों बनता है, दोनों दिखाए जाते हैं। मांगलिक, कालसर्प और साढ़े साती जैसे दोष उनके परिहार (cancellation) के साथ दिखाए जाते हैं, क्योंकि ज़्यादातर कुंडलियों में दोष के साथ उसके कम होने का कारण भी होता है।
मिलान वाले हिस्से में जीवनसाथी की जन्म जानकारी डालें — 36 गुणों का अष्टकूट स्कोर, आठों कूटों की व्याख्या और दोनों कुंडलियों का मांगलिक मिलान मिलेगा।
इस पेज पर दिखने वाली हर ग्रह स्थिति और योग की विस्तृत व्याख्या हमारे ज्ञानकोष में है: 30 शास्त्रीय योग (राजयोग, गजकेसरी, बुधादित्य, पंच महापुरुष योग और अन्य), बारह भावों में नौ ग्रह और बारह लग्न।
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कुंडली (जन्म कुंडली या जन्म पत्रिका) आपके जन्म के सही समय और स्थान पर सूर्य, चंद्रमा, ग्रहों और लग्न की स्थिति का नक्शा है। वैदिक ज्योतिषी इसे पढ़कर स्वभाव, जीवन के मुख्य विषय और दशाओं के ज़रिए समय का अनुमान लगाते हैं।
जन्म तिथि, जन्म का समय और जन्म स्थान। स्थान से अक्षांश, देशांतर और उस समय का टाइम ज़ोन तय होता है, जिनसे आपका लग्न और भाव निकलते हैं।
अनुमानित समय चुनें (सुबह, दोपहर, शाम या पता नहीं)। ग्रहों की राशि, नक्षत्र और दशा की समय-रेखा भरोसेमंद रहती है, लेकिन लग्न और भाव अनुमानित हो जाते हैं। गुरुजी के ज्योतिषी जन्म समय शोधन में मदद कर सकते हैं।
लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश और राशि भाव पद्धति (whole-sign houses), जो भारत में सबसे ज़्यादा प्रचलित है। ग्रहों की स्थिति एक कला (arc-minute) तक की सटीकता से जाँची गई है।
कुंडली मिलान उत्तर भारतीय अष्टकूट (36 गुण) पद्धति से दोनों के चंद्र नक्षत्रों के आधार पर होता है: वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, भकूट और नाड़ी, साथ में दोनों कुंडलियों का मांगलिक मिलान।
हाँ। कुंडली, वर्ग कुंडलियाँ, दशा, योग, दोष, मिलान और व्यक्तिगत फलादेश सब मुफ़्त हैं। गहरा फलादेश या उपाय चाहिए तो गुरुजी के प्रमाणित ज्योतिषी से बात कर सकते हैं।
आपका नाम हमारे सर्वर पर कभी नहीं भेजा जाता। जन्म जानकारी केवल कुंडली की गणना के लिए इस्तेमाल होती है; आप जो कुंडली सेव करते हैं वह आपके अपने ब्राउज़र में ही रहती है।